रत्न ग्रहों की ऊर्जा से जुड़े माने जाते हैं, इसलिए इन्हें सोच-समझकर ही पहनना चाहिए।
1. कुंडली देखकर ही
हर ग्रह का रत्न हर व्यक्ति के लिए ठीक नहीं होता। लग्न और ग्रहों की स्थिति देखकर ही रत्न चुना जाता है।
2. सही वजन
रत्न का वजन (रत्ती) व्यक्ति और ग्रह के अनुसार तय होता है।
3. धातु और उंगली
हर रत्न की अपनी धातु और उंगली बताई गई है — जैसे पुखराज सोने में तर्जनी पर।
4. धारण का दिन
ग्रह के वार और शुभ मुहूर्त में, शुद्धि के बाद रत्न धारण किया जाता है।
5. नीलम में विशेष सावधानी
नीलम जैसे रत्न बिना परामर्श के बिल्कुल न पहनें।
रत्न, रुद्राक्ष या यंत्र के लिए वेबसाइट की ऑर्डर सूची में जोड़कर भेजें — आचार्य जी फोन पर पूरी जानकारी देंगे।
— आचार्य पं. जयराम शर्मा, काशी विश्वनाथ ज्योतिष केन्द्र