त्रिपिंडी श्राद्ध
तीन पीढ़ियों के अतृप्त पितरों की शांति हेतु श्राद्ध।
सलाह लें विवरणदोष-निवारण अनुष्ठान
त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि और पितृ दोष शांति — इन तीर्थों पर विधि-विधान से। कमल की पंखुड़ी पर तीर्थ चुनें।
तीर्थ 1 / 6
गंगा तट · पिशाचमोचन कुंड
मोक्षदायिनी काशी में गंगा तट और पिशाचमोचन कुंड पर त्रिपिंडी श्राद्ध व पितृ कार्य की प्राचीन परंपरा।
तीर्थ 2 / 6
गोदावरी उद्गम · ज्योतिर्लिंग
नारायण नागबलि और काल सर्प दोष शांति के लिए सबसे प्रसिद्ध तीर्थ — ब्रह्मगिरि की तलहटी में।
तीर्थ 3 / 6
क्षिप्रा तट · महाकाल
महाकाल की नगरी — सिद्धवट घाट पर पितृ कार्य, और काल सर्प व ग्रह दोष की शांति।
तीर्थ 4 / 6
यमुना तट · विश्राम घाट
श्रीकृष्ण की जन्मभूमि — यमुना तट पर पितृ शांति और श्राद्ध कर्म।
तीर्थ 5 / 6
गंगा तट · नारायणी शिला
हर की पौड़ी और नारायणी शिला पर पिंडदान, नारायण बलि व पितृ शांति।
तीर्थ 6 / 6
फल्गु तट · विष्णुपद
पितृ मोक्ष का तीर्थ — विष्णुपद मंदिर व फल्गु तट पर गया श्राद्ध और पिंडदान।
अनुष्ठान
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तीन पीढ़ियों के अतृप्त पितरों की शांति हेतु श्राद्ध।
सलाह लें विवरणअकाल मृत्यु को प्राप्त परिजनों की सद्गति हेतु विधान।
सलाह लें विवरणकुंडली में पितृ दोष हो तो शांति अनुष्ठान व तर्पण।
सलाह लें विवरणराहु-केतु के बीच सभी ग्रह हों तो काल सर्प योग की शांति।
सलाह लें विवरणनवग्रह जाप-हवन और अशुभ ग्रहों की शांति।
सलाह लें विवरण॥ श्री गणेशाय नमः ॥
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