परिवार में किसी की अकाल मृत्यु हुई हो, तो उसकी सद्गति के लिए शास्त्रों में नारायण बलि का विधान बताया गया है।
त्र्यंबकेश्वर में यह नारायण नागबलि के रूप में प्रसिद्ध है; काशी, हरिद्वार और अन्य तीर्थों पर भी यह विधि-विधान से करवाई जाती है।
मुख्य बातें
- त्र्यंबकेश्वर, काशी, हरिद्वार में
- दिवंगत का नाम और जानकारी
- पंचांग देखकर तिथि
- पूरी विधि आचार्य जी की देखरेख में