त्रिपिंडी श्राद्ध पितरों की शांति के लिए किया जाने वाला काम्य श्राद्ध है, जिसमें तीन पीढ़ियों के पितरों के निमित्त पिंडदान किया जाता है।
यह काशी (पिशाचमोचन कुंड), त्र्यंबकेश्वर, गया जी, हरिद्वार और अन्य तीर्थों पर विधि-विधान से करवाया जाता है। तिथि और स्थान आचार्य जी कुंडली व पंचांग देखकर बताते हैं।
मुख्य बातें
- काशी, त्र्यंबकेश्वर, गया जी, हरिद्वार में
- पंचांग देखकर तिथि
- यजमान का नाम व गोत्र ज़रूरी
- ऑनलाइन संकल्प भी