रत्न हमेशा कुंडली देखकर ही धारण करना चाहिए। आचार्य जी लग्न, ग्रहों की स्थिति और दशा देखकर बताते हैं कि यह रत्न आपके लिए ठीक है या नहीं, कितने रत्ती का हो, किस धातु में और किस दिन धारण करें।
ऑर्डर सूची में जोड़कर भेजें — मूल्य और उपलब्धता की जानकारी फोन पर दी जाएगी। प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) के बारे में ऑर्डर के समय पूछ लें।


